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गे सेक्स का मजा पहली बार मामा के साथ लिया





मैंने गांड चुदाई पहली बार … वो भी अपने मामा से! मामा हमारे घर आए हुए थे. उन्होंने मेरे मोबाइल में गे सेक्स वीडियो देख ली तो वो मुझे लौंडा समझने लगे.

दोस्तो, अन्तर्वासना पर ये मेरी पहली सेक्स कहानी है। यह कहानी मेरे जीवन की सच्ची घटना पर आधारित है।

कहानी बताने से पहले मैं आपको अपने बारे में बता देता हूं।

मेरा नाम पवन (बदला हुआ) है और मैं भोपाल का रहने वाला हूं। मेरी हाइट 5.5 फीट है। मेरा रंग गोरा है। लंड का साइज 6.5 इंच लम्बा और 3 इंच मोटा है, और मेरा लंड हल्के काले रंग का है।

मुझे जवानी की शुरूआत में ही मुठ मारने की आदत पड़ गयी थी।

मैं उस वक्त 19 साल का था और ये बात 2019 की है।

उस समय मैं ज्यादातर गे वीडियोज देखा करता था जिससे मुझे गांड चुदाई करवाने का मन करने लगा था।


उस समय मार्च का महीना चल रहा था। उन दिनों मेरे मामा घर पर आए हुए थे और वो चार-पांच दिन रुकने वाले थे।

उनका नाम नितेश है।


वो उस वक्त 27 साल के थे। वो एक प्राइवेट कंपनी में काम करते थे। उनकी शादी तय हो चुकी थी और दो महीने बाद होने वाली थी।


एक बार वो और मैं छत पर बैठे हुए थे तो उन्होंने मुझे पोर्न साइट्स के बारे में पूछा ताकि वो कुछ पोर्न वीडियो डाउनलोड कर सकें।

एक बार तो मैं सकपका गया।


वो बोले- हैरान क्यूं हो रहा है, तेरी और मेरी उम्र में ज्यादा फर्क नहीं है। तू भी तो सारे काम करता होगा। तेरा भी तो खड़ा होता होगा।

इस पर हम दोनों हंसने लगे।


फिर मैंने उनको पोर्न साइट के लिंक भेज दिए।

गलती से एक लिंक मैंने गे सेक्स साइट का भेज दिया।

शायद उस लिंक को देखकर मामा को मुझ पर शक हो गया।


उस दिन रात को मैं जब मैं सो रहा था तो मामा ने मेरे फोन को देख लिया।

अगले दिन हम लोग वैसे ही छत पर बैठे हुए बातें कर रहे थे।

बातों बातों में वो फिर से पोर्न वीडियो का जिक्र करने लगे।


फिर उन्होंने मेरा फोन लिया और मुझे मेरे ही फोन के वीडियो दिखाने लगे।

मैं शर्मा रहा था।

वो बोले- ये सब पसंद है ना तुझे?

मैंने कुछ नहीं कहा और चुपचाप बैठा रहा।


उसके बाद मामा ने मेरा हाथ अपने लंड पर रखवा लिया और दबवाने लगे।

मुझे भी अच्छा लग रहा था।

कुछ ही देर में उनका लंड पूरा का पूरा खड़ा हो गया।


वो बोले- तूने कभी सेक्स किया है?

मैं- नहीं।

वो बोले- करने का मन है?

मैंने भी गर्दन हिला दी।


फिर उन्होंने मेरे लंड पर हाथ रख दिया और उसको सहलाने लगे।

मुझे भी मजा आने लगा।


मामा ने मेरे लंड को पूरा खड़ा कर दिया।

अब हम दोनों एक दूसरे का लंड पकड़ कर उसको सहला रहे थे।

मुझे कसम से बहुत मजा आ रहा था।


एक तो मैंने पहली बार किसी का लंड हाथ में लिया था, ऊपर से मुझे मेरे लंड पर भी इतना ही मजा मिल रहा था।

फिर मामा ने मेरी गर्दन पर हाथ रखा और फिर अपने लंड पर मुंह को झुका दिया।


मैंने भी मुंह एकदम से खोल दिया और उनका लंड चूसने लगा। वो स्स्स … आह्ह … अम्म … जैसी आवाजें करने लगे।

उनको लंड चुसवाने में बहुत मजा आ रहा था।

साथ में वो मेरे लंड को भी सहला रहे थे।


कुछ देर चुसवाने के बाद फिर उन्होंने लंड को बाहर निकाल लिया।

वो कहने लगे कि अब सेक्स के बिना नहीं रुका जाएगा।

फिर मैं और मामा उनकी बाइक से पास वाले ग्राउंड में गए।


इतने में उनकी होने वाली बीवी यानि कि मेरी होने वाली मामी का फोन आ गया।

वहां पर मामा मेरी होने वाली मामी से बात करने लगे।


मुझे मस्ती करने की सूझी इसीलिए मैंने मामा के लोवर को नीचे कर दिया।

मामा ने भी मुझे कुछ नहीं कहा।


अंदर मामा ने रेड कलर की अंडरवियर पहनी थी।

उसे भी मैंने उतार दिया।


मेरे सामने मामा का सो चुका लंड था जो थोड़ी देर पहले पूरा तना हुआ था।


मैंने उसको सहलाना शुरू कर दिया और देखते ही देखते मामा का लंड फिर से 7 इंच का हो गया।


फिर मैं नीचे घुटनों के बल बैठकर उनके लन्ड को मुंह में लेकर चूसने लगा।


मुझे पहली बार छत पर लंड का स्वाद कुछ ख़ास नहीं लगा लेकिन अब मुझे उनका लन्ड बहुत ही स्वादिष्ट लगने लगा और मैं बड़े मजे से लंड को चूसने लगा।

मामा ने मामी के साथ 10 मिनट तक बात करने के बाद फोन काट दिया और वो मेरा साथ देने लगे।


फिर मामा मेरे सिर को पकड़ कर मेरे मुंह को चोदते हुए बोले- चूस भांजे चूस … मुझे बहुत मजा आ रहा है आह … और अच्छे से चूस!

मामा के ऐसे शब्द सुनकर मुझे और भी ज्यादा मजा आ रहा था।

मैं और जोर-जोर से उनके लन्ड को चूसने लगा।


लगभग 10 मिनट तक वो लंड चुसवाते रहे और फिर बोले- आह्ह … भांजे … बस गिरने वाला है … पूरा ले जा अंदर …

उन्होंने मेरे सिर को दबाते हुए लंड को गले तक फंसा दिया और इतने में ही उनके लंड से वीर्य निकल कर मेरे मुंह में गिरने लगा।


कुछ ही पल में उनका लंड खाली हो गया और वो शांत होते चले गए।

वो बोले- तेरा तो रह गया।

फिर उन्होंने लोअर ऊपर कर ली और नीचे बैठते हुए मेरी लोअर नीचे कर दी।



मेरा लंड भी सो चुका था लेकिन जल्द ही मामा ने उसे चूस कर खड़ा कर दिया और फिर वो मेरे लंड को मुंह में लेकर लॉलीपोप जैसे चूसने लगे। मुझे भी बहुत मजा मिलने लगा। फिर दस मिनट तक उन्होंने मेरा लंड चूसा और मैंने भी अपना वीर्य उनके मुंह में निकाल दिया।


मुझे हैरानी हुई कि मामा ने मेरे लंड का माल पी लिया।

मुझे पता लग गया कि मामा को भी गे सेक्स पसंद है।

फिर हम दोनों ने तय किया कि हम चुदाई भी करेंगे।


उसके बाद फिर दिन गुजर गया।

रात को हमने करीब 9 बजे खाना खाया और थोड़ी देर टीवी देखने लगे।




तभी मामा ने मम्मी से कहा- आज मैं और पवन ऊपर छत पर सोएंगे।

मम्मी ने कहा- ठीक है, जैसी तुम दोनों की मर्जी! पानी की बोतल लेकर चले जाना।


मैं और मामा बोतल, चटाई और बेडशीट लेकर छत पर गए।

मैंने वैसलीन भी ले लिया था ताकि सेक्स करते समय ज्यादा दर्द न हो और कंडोम हम दिन में ही ले आए थे।


हम बिस्तर बिछाकर सबके सो जाने का इंतजार करने लगे।


रात के करीब 11:30 जब हमे लगा कि सब सो गए हैं, तो हमने सेक्स करना चालू किया।


पहले हम दोनों पूरी तरह नंगे हो गए और एक कपल की तरह फोरप्ले करने लगे।

सच में मुझे मामा के साथ फोरप्ले करने में बहुत ही मजा आ रहा था।


करीब 20 मिनट तक फोरप्ले करने के बाद हम दोनों 69 पोजिशन में होकर एक-दूसरे के लन्ड को चूसने लगे।

मामा मेरे लन्ड को लॉलीपॉप की तरह चूस रहे थे जिससे मुझे बहुत मजा आ रहा था।


10 मिनट के बाद मैंने मामा को मेरी गांड मारने के लिए बोला लेकिन मामा ने पहले मुझे उनकी गांड मारने को कहा।


मामा मेरे सामने अपनी दोनों टांगों को फैलाकर लेट गए।

उनकी हल्के काले रंग की गांड मेरी आखों के सामने थी।


मैंने कंडोम पहन लिया, उनकी गांड पर मैंने क्रीम लगा दी और लंड पर भी लगा ली।


मैं उनकी गांड में उंगली चलाने लगा ताकि उनकी गांड का छेद खुल जाए।

मैंने ये सब गे पोर्न वीडियो में बहुत बार देखा हुआ था।


कुछ देर उंगली करने के बाद मैंने लन्ड को छेद पर रखकर बहुत ही तेजी से धक्का मारा जिससे मेरा आधा लन्ड मामा की गांड के अंदर घुस गया।


लन्ड घुसते ही मामा ने बहुत ही धीमी आवाज में आह … की आवाज निकाली।

नीचे सब सो रहे थे इसीलिए हम दोनों ज्यादा तेज आवाज नहीं कर सकते थे।


एक मिनट रुक कर मैंने एक और जोरदार धक्का मारा जिससे मेरा पूरा लंड मामा की गांड के अंदर घुस गया।


अब मैंने तेजी से मामा की गांड चुदाई शुरू कर दी।

वो धीमी-धीमी आवाज में आहें भरने लगे।

उनको चुदाई में मजा आ रहा था।


करीब 10 मिनट मैंने मामा की गांड चोदी और फिर वीर्य निकाल कर मैं शांत हो गया और उनके ऊपर ही लेटा रहा।

अब गांड मरवाने की मेरी बारी थी और मैं उसके लिए बहुत बेचैन था।


मैंने मामा के लन्ड को चूस कर पूरी तरह खड़ा कर दिया और लन्ड के ऊपर कंडोम पहना दिया।

फिर मामा ने मुझे घोड़ी बनने को कहा तो मैं तुरंत ही घोड़ी बन गया। उन्होंने मेरी गांड में दो ऊंगलियां डाल दीं और छेद को चौड़ा करने लगे ताकि मुझे गांड मरवाने में ज्यादा दिक्कत न हो।


वो उंगली करते रहे और 2 मिनट के बाद मेरी गांड काफी खुल गईं।

मामा ने मेरी गांड में वैसलीन लगाकर अच्छे से मालिश की और मैं चुदने के लिए तैयार हो गया।


अब मुझे बस उनका लंड मेरी गांड में लेने का इंतजार था।


फिर नितेश मामा ने बिना देरी किए मेरी गान्ड में अपना लन्ड टिकाया और एक जोरदार धक्का मारा जिससे कि उनका आधा लन्ड एक ही बार में मेरी गान्ड के अंदर घुस गया।

इससे मुझे बहुत ही ज्यादा दर्द हुआ लेकिन मैं चिल्ला नहीं सकता था।

मैं दर्द को किसी तरह बर्दाश्त करने की कोशिश कर रहा था।


मामा ने 2 मिनट तक लन्ड ऐसे ही डाले रखा और इसके बाद उन्होंने 2-3 जोरदार धक्के मारे जिससे अब पूरा लन्ड मेरी गांड के अन्दर था।

मैं आह्ह … आह्ह … करने लगा।


उन्होंने फिर तेजी से मेरी गांड मारना शुरू कर दिया।


करीब 5 मिनट बाद मुझे राहत आने लगी और मैं खुद ही गांड आगे पीछे करते हुए चुदवाने का मजा लेने लगा।

मामा ने मुझे 4 अलग-अलग पोजीशन में चोदा; काफी देर तक उन्होंने मेरी गांड चुदाई की।


फिर वो मेरी गांड में खाली हो गए।

इसके बाद मामा और मैंने बारी-बारी से रात के 2:00 बजे तक एक दूसरे की 2-2 बार गांड मारी और नंगे ही एक दूसरे की बांहों में लिपटकर सो गए।

सच बताऊं तो वो रात मेरे लिए सबसे रोमांचक रात थी।


उस रात के अगले दिन मेरी यहां रिश्तेदारी में मेरे दादा जी की मृत्यु हो गई।

इसीलिए मेरे परिवार वाले मुझे और मामा को घर में अकेले ही छोड़कर उनके वहां चले गए।


इससे मामा और मैं बहुत ही खुश हुए और अगले 2 दिन तक हम लोग दिन रात गे सेक्स का मजा लेते रहे।


हम दोनों रोज नंगे नहाते, एक साथ नंगे ही पेशाब करने जाते, एक दूसरे के लंड पर कभी आइसक्रीम, जैम आदि लगाकर चूसते रहते।


हम पोर्न वीडियो देखते और सारा दिन नंगे घूमते रहते।

उन दो दिनों में इतनी चुदाई हुई कि कंडोम के दो पैकेट खत्म हो गए।



सच में वो दो दिन मेरी जिंदगी के सबसे हसीन दिनों में से थे।

हमने नए नए तरीके से गांड चुदाई की और नई नई पोजीशन भी ट्राई कीं।

उसके बाद मुझे अपनी गांड चुदाने में मजा आने लगा।


फिर मैंने जिम ट्रेनर से अपनी गांड चुदवाई।

वो कहानी मैं आपको जल्द ही बताऊंगा।


आपको ये गांड चुदाई स्टोरी कैसी लगी मुझे जरूर बताना। कृपया अपने सुझाव मुझे मेल करके जरूर बताएं।

मेरी कहानी को पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद।

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