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सेक्सी भाभी की गर्म चूत चोदने मिली


चालू भाभी की गरम कहानी मेरे फुफेरे भाई की नयी नवेली बीवी की चुदाई की है. मैं लॉकडाउन के कारण शादी में जा नहीं सका तो बाद में गया, भाभी से मिला.



मेरा नाम हैप्पी है. मैं 20 साल का हूँ और मुझे सेक्स बहुत पसंद है. मैं हमेशा चूत की तलाश में रहता हूँ.


आज मैं अपनी पहली चुदाई की कहानी लिख रहा हूँ, चालू भाभी की गरम कहानी में कोई ग़लती हो जाए … तो माफ़ कीजिएगा.


मेरी बुआ के बेटे की अभी लॉकडाउन में शादी हुई थी परन्तु मैं लॉकडाउन के कारण शादी में जा नहीं सका था.


लॉकडाउन खत्म होने बाद मैं बुआ के यहां गया क्योंकि बुआ ने बुलाया था.


मुझे उस समय इस बात का गुमान ही नहीं था कि वहां मेरा चुदाई का सपना पूरा होने वाला है.


जब मैं घर पहुंचा, तो बुआ और भाभी घर में थीं.


मैं तो भाभी को देख कर उनको चोदने के बारे में सोचने लगा.

भाभी इतनी बला की खूबसूरत थीं कि क्या बताऊं.


वो मुझे देख कर शर्मा रही थीं.

तभी बुआ ने कहा- ये तेरा देवर है, ऐसे क्यों शर्मा रही है, जा पानी ले आ. तेरा देवर दूर से आया है.


मैं तो बस भाभी को जाते हुए उनकी गांड देख रहा था.

क्या सेक्सी गांड थी भाभी की!


तभी बुआ ने पूछा- घर पर सब कैसे हैं?

तब मेरा ध्यान वहां से हटा.


मैंने कहा- बुआ, ठीक है सब!

मैं सकपका गया था.


इतने में भाभी पानी ले आईं.

मैंने पानी लेते वक्त उनका हाथ दबा दिया.

वो मुस्कुरा कर चली गईं.


मैं समझ गया कि भाभी चालू माल हैं, इनको पटाने में ज्यादा देर नहीं लगेगी.


रात को खाना खाते टाइम मैं बस उन्हें ही देख रहा था.

वो भी मुझे देख कर मुस्कुरा रही थीं.


मैंने उनको देख कर आंख मार दी तो वो शर्मा गईं.


फिर मैं खाना खाकर छत पर चला गया.


उसी समय भाई का फोन आया कि आज वो घर नहीं आ पाएंगे, वो किसी दोस्त की पार्टी में हैं.

मैं ख़ुशी से झूम उठा और नीचे भाभी को देखने चला गया कि वो क्या कर रही हैं.


भाभी रसोई में थीं.

मैं वहां जाकर उनसे बातें करने लगा.


वो बोलने लगीं- आप शादी में क्यों नहीं आए थे?

तो मैंने बताया कि मैं तो आने को बेकरार था भाभी, मगर इस साले लॉकडाउन ने सब काम बिगाड़ दिया था.

भाभी बोलीं- कोई बात नहीं, अब आ गए हो तो रुक कर जाना.


मैंने भी कह दिया- भाई यहां है नहीं मैं क्या करूंगा यहां रुक कर … अकेले में मेरा मन ही लगेगा. कोई साथ तो होना चाहिए, जो मौज मस्ती करवा सके.

भाभी ने इठला कर कहा- तुम अकेले कहां हो. मैं हूँ न आपको कंपनी देने के लिए.


मैंने कहा- वाह … आप जैसी खूबसूरत भाभी साथ होंगी, तो क्या बात है.

वो मुस्कुरा दीं.


कुछ देर बाद भाभी का रसोई का काम खत्म हो गया.

तो वो मुझसे बोलीं- चलो हॉल में चलो, वहां चल कर बातें करते हैं.


मैं तो बस उनके बूब्स को देखे जा रहा था.

वो भी ये समझ रही थीं. उन्होंने मुझे अपने मम्मे ताड़ते हुए देख लिया था.

हम दोनों बाहर हॉल में आकर सोफे पर बैठ गए और बातें करने लगे.

भाभी ने एकदम से पूछा- तुम इतनी देर से क्या देख रहे हो?

मैं सकपका गया कि अब तो पकड़ा गया.

मैंने कहा- कुछ भी नहीं भाभी.

भाभी ने कहा- सच बताओ क्या देख रहे हो?

मैंने कहा- बताऊंगा तो आप बुरा मान जाएंगी!

भाभी ने कहा- बोलो तो सही … मैं कुछ नहीं कहूँगी.

मैंने भी एकदम से बोल दिया- आपके बूब्स देख रहा था भाभी … सच में आप बहुत सेक्सी माल हो.

भाभी हंसने लगीं और बोलीं- अच्छा मैं माल लगती हूँ … हांआ..!

मैंने कह- खाली माल नहीं भाभी … आप कांटा माल हो … सीधे दिल में चुभ गई हो.

भाभी- और तुम ये बताने में डर रहे थे!

भाभी ने ये कहते हुए अपने मम्मे मेरे सामने तान दिए.

मैंने सिर्फ उनकी तनी हुई चूचियों को आंखों से चोदा और उनकी तरफ देख एक गहरी आह भरी.

मैंने आगे कहा- सच में भाभी बड़ी रसभरी हैं … बड़ा दिल कर रहा है.

भाभी सिर्फ अपनी चूचियों को मेरे सामने दिखाती रहीं और आगे बोलीं- और क्या अच्छा लगता है आपको मेरे अन्दर!


मैंने कहा- भाभी मैं आपकी मटकती गांड भी देख रहा था.

भाभी बोलीं- ह्म्म्म …. बस देखोगे ही या कुछ आगे भी सोचा है!

मैंने कहा- बिना आपकी हरी झंडी के मैं कैसे कुछ कर सकता हूँ भाभी.

भाभी- ओके अगर तुम मुझे टच करना चाहो, तो कर सकते हो … मैं कुछ नहीं कहूँगी.

मैंने सोचा कि ये तो बहुत बड़ी वाली चुड़क्कड़ भाभी है.

अब मैंने सीधे भाभी को अपनी बांहों में ले लिया और उनके होंठों पर किस करने लगा.

भाभी कटी हुई डाली की तरह मेरे आगोश में आ गिरी थीं.

उन्होंने एक बार ज़रा सी भी नानुकुर नहीं की. उल्टा वो मेरा साथ देने लगी थीं.


मैंने समझ लिया कि भाभी की तरफ से ग्रीन सिग्नल है.

मैं उनकी चाहत को समझ कर आगे बढ़ने लगा, उनके पूरे बदन पर किस करने लगा.


फिर वो बोलीं- बेडरूम में चलो, इधर तुम्हारी बुआ कभी भी मन्दिर से आ सकती हैं.

भाभी मेरी बांहों से निकल कर अपने कमरे की तरफ बढ़ गईं, मैं उनकी गांड के पीछे पीछे चल दिया.



मैंने रूम में जाते ही दरवाजे बंद किए और भाभी को अपनी बांहों में फिर से भर लिया.

भाभी ने भी मुझे साथ देना शुरू कर दिया.


मैं उनके कपड़े निकालने लगा और जल्दी ही उनको सिर्फ पैंटी में करके बेड पर धक्का दे दिया.

भाभी पीठ के बल बिस्तर पर गिरीं तो उनके मम्मे मस्त उछलते हुए मुझे ललचाने लगे.




मैं उनके ऊपर चढ़ गया और उनके पूरे बदन को चूमने काटने लगा.

मैंने उनके मम्मों के साथ काफी देर तक खेला.

एक एक करके दोनों मम्मों को चूसा और मसला.


भाभी खुद अपने हाथ से मुझे अपने दूध पिला रही थीं.

फिर मैंने नीचे को खिसक कर उनकी पैंटी को सूंघा, उसमें से मादक महक आ रही थी.

ये महक उनके कामरस निकलने के कारण आ रही थी.


मैंने भाभी की पैंटी की इलास्टिक में उंगलियां फंसा दीं और नीचे को खींचा.

भाभी ने अपनी गांड उठा दी और मैंने भाभी की टांगों से पैंटी निकाल कर उनकी चूत को देखा.


आह मस्त पकौड़ा सी फूली हुई चूत थी.


मुझसे रहा नहीं गया और मैं भाभी की चूत पर झुक गया.

भाभी की आंखों में एक बार देखा तो वासना से भरी नशीली आंखों ने मुझे इशारा दे दिया.


मैं भाभी की चूत चाटने लगा.

वो एकदम से मचल उठीं.



उन्होंने मेरे सर पर हाथ फेरते हुए अपनी चूत पर मेरे मुँह को दबाया और सीत्कारते हुए कहा- आह देवर जी … आग लगा दी तुमने … आंह तुम्हारे भाई ने कभी मेरी चूत नहीं चाटी. बस अपना लोला ही चुसवाते हैं और चोद कर सो जाते हैं. सच में तुमने मुझे मज़ा दे दिया है … आह और जोर से चूसो मेरी चूत को.


मैंने कहा- भैया भी चूतिया हैं … यही तो असली मज़ा है भाभी … चुदाई से चूत नहीं चाटी तो क्या चूत चोदी. भाभी सच में आपकी चूत बहुत मुलायम है.

ये कहते हुए मैंने उनकी चूत के अन्दर तक जीभ को पेल दिया.


इतने में भाभी की चूत ने पानी छोड़ दिया.

मैंने वो सारा रस चाट कर साफ़ कर दिया.


दस मिनट तक हम दोनों यूं ही एक दूसरे से प्यार करते रहे.


भाभी बोलीं- मुझे बाथरूम जाना है, मुझे उठने दो.

मैंने कहा- आप मेरे मुँह में ही कर दो यार.


भाभी ने कहा- ये गंदा है.

मैंने कहा- ऐसा कुछ नहीं है मेरी जान … यही तो असली मज़ा है.


भाभी बोलीं- नीचे फर्श पर चलो … बिस्तर गीला हो जाएगा.

मैंने नीचे फर्श पर लेट गया और भाभी चालू हो गयी, उन्होंने मेरे मुँह में चूत लगा कर सुसु कर दी.


भाभी की चूत से गर्म मूत की धार मेरे गले को तर करने लगी थी.

मैं उनकी पेशाब की एक एक बूंद पी गया.


इसके बाद मैं अपना लंड भाभी के मुँह के पास ले गया तो भाभी मेरा लंड देख कर खुश हो गईं और उसे मुँह में लेकर चूसने लगीं.


कुछ देर लंड चूसने के बाद भाभी ने कहा- तुम्हारा लंड तो तुम्हारे भाई से काफी बड़ा और मोटा है. आज मुझे बहुत मज़ा आएगा. अब देर न करो … इसे जल्दी से मेरी चूत में पेल दो.


मैं भी भाभी की बात मानते हुए लंड को उनकी चूत पर घिसने लगा; फिर एक ही झटके में पूरा लौड़ा चूत में डाल दिया.


भाभी के मुँह से ‘आह उई मम्मी रे मर गई …’ निकल गया.

उनकी आंखों में पानी आ गया.


पर मैं तो बस बिना रहम किए उन्हें चोदता रहा.


कुछ देर बाद भाभी भी अपनी गांड उठा कर शॉट का जवाब देने लगीं.

भाभी- आह आह … ओह यस … और तेज फक मी देवर जी.


उनकी मादक आवाजें निकलने लगीं.

इससे मुझे और जोश चढ़ने लगा और मैं भाभी की चूत को भोसड़ा बनाने में लग गया.


कुछ ही मिनट बाद भाभी का शरीर एकदम से अकड़ा और एक तेज आवाज के साथ ढीला पड़ गया.


भाभी की चूत का पानी निकल गया था पर मेरा अभी बाकी था.


मैंने उन्हें कुतिया बना कर चोदना शुरू कर दिया.

साथ में भाभी की गांड में उंगली करने लगा.



भाभी को अपने दोनों छेदों में मज़ा आने लगा.

फिर मैं भी भाभी की चूत में झड़ गया.

मैं भाभी की गर्दन पर किस करने लगा.


कुछ देर बाद जब मैंने अपना लंड भाभी की चूत से निकाला तो भाभी ने पलट कर मुझे अपने सीने से लगा लिया और ‘आई लव यू देवर जी …’ कह कर मुझे चूमने लगीं.

मैंने पूछा- आई लव यू टू भाभी. मेरा लंड कैसा लगा?


वो मेरे लंड को सहलाती हुई बोलीं- इसने तो मेरी फाड़ कर रख दी देवर जी. तुम्हारे भाई ने ऐसा मज़ा मुझे कभी नहीं दिया. तुमने बड़ी मस्त चुदाई करते हो.

मैं भी अपनी तारीफ सुनकर उनकी गांड सहलाने लगा और भाभी से उनकी गांड मारने के लिए कहा.


पहले तो भाभी ने मेरा हाथ हटा दिया और मना करने लगीं.


मैंने कहा- क्यों क्या हुआ?

भाभी बोलीं- उधर नहीं.


मैंने कहा- क्यों नहीं?

भाभी बोलीं- उधर दर्द होगा.


मैंने कहा- आपको कैसे मालूम … क्या भैया ने आपकी गांड मारी है क्या?

भाभी हंस कर बोलीं- उनका लंड मेरी चूत तो ढंग से चोद नहीं पाता … गांड की क्या बात करते हो.


मैंने कहा- तो आपको कैसे मालूम कि गांड मराने में दर्द होगा?

भाभी हंस दीं और बोलीं- पूरे हरामी देवर हो … मुझे अपनी बातों में फंसा लेते हो.


मैंने भाभी की चूची चूसते हुए कहा- भाभी सच में पीछे का मजा ले लो … जिन्दगी में कोई भी ख्वाहिश अधूरी नहीं रहनी चाहिए. मैं आपकी गांड बड़े प्यार से मारूंगा.



भाभी ने कहा- ओके … वो मैं कभी और दे दूंगी. आज मेरी बस मेरी चूत को जन्नत की सैर करा दो.


मैंने उस रात भाभी को 4 बार और चोदा.


उसके बाद मैंने उनकी गांड मारने के लिए उन्हें कैसे पटाया, वो मैं आपको अगली सेक्स कहानी में लिखूंगा.


आपको यह चालू भाभी की गरम कहानी पढ़ कर मजा आया होगा. अपने विचार मुझे मेल करें.

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